सनातन धर्म में सबसे पवित्र और मोक्ष प्राप्ति की कामना से की जाने वाली चार धाम यात्रा हिमालय की गोद में बसे उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थ स्थल यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ के दर्शन की यात्रा 19 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है, जो अक्टूबर/नवंबर तक चलेगी।
यह 10-14 दिनों की पवित्र तीर्थयात्रा है, जिसका सही क्रम पश्चिम से पूर्व (यमुनोत्री-गंगोत्री-केदारनाथ-बद्रीनाथ) है।
सभी यात्रियों को यात्रा के लिए उत्तराखंड पर्यटन पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है।
प्रशासन इस चारधाम यात्रा में यातायात से लेकर स्वास्थ संबंधी सभी तरह की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दे रहा है। इसलिए सुरक्षा की दृष्टि से चारधाम यात्रा (chardham yatra 2026) के दौरान हाईवे पर रात को वाहनों का संचालन प्रतिबंधित रहेगा।
इस दौरान सिर्फ ट्रक व अन्य भारी वाहन ही संचालित होंगे। आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडे ने इस संबंध में आदेश जारी किया है।
यात्री वाहन सुबह चार बजे से रात 10 बजे तक ही संचालित होंगे।
रात दस बजे के बाद सुबह चार बजे तक किसी भी यात्री वाहन को आगे जाने की अनुमति नहीं होगी।
यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए पुलिस, प्रशासन व संबंधित विभाग को समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
साथ ही हाईवे पर भीड़ नियंत्रण, पार्किंग व आपातकालीन सेवाओं को सक्रीय रखने के भी निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी गौरव कुमार ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करते हुए यात्रा करें, ताकि उनकी यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।
श्रद्धालुओं के स्वास्थ और सुरक्षा के लिए चारधाम यात्रा मार्गों पर कई स्वास्थ्य इकाइयां, डॉक्टर और एम्बुलेंस उपलब्ध रहेंगे।
