Top 5 This Week

Related Posts

ट्रंप का नेटो पर बयान, ब्रिटेन के पीएम ने बताया शर्मनाक, माफ़ी की मांग की

अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप का राजनैतिक जीवन गौरवशाली या गरिमामय कभी नही रहा है, वह हमेशा ही सैनिक और आर्थिक रूप से शक्तिशाली अमेरिका का उपयोग अपनी कुटिल नीति को बढ़ाने के लिए करते रहे हैं। ट्रंप अपनी कुटिल नीति का उपयोग अमेरिका को उन्नत बनने के लिए काम, अपने पारिवारिक व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए ज्यादा करते रहे हैं।

ग्रीनलैंड, सोमालिया, पाकिस्तान, बांग्लादेश, सऊदी, कनाडा जैसे उदाहरण है जहां ट्रंप की कुटिल राजनैतिक चाल के बाद उनके साहबजादे या दामाद या बेटी उस देश की यात्रा पर गए और आगे की रूपरेखा तैयार की गई.

NATO Afghanistan war
NATO Afghanistan war

अभी दावोस में उनके तानाशाही पूर्ण रवैया और योजनाओं की चर्चा खतम भी नही हुई थी कि एक और अमर्यादित बयान दे डाला जो नाटो के सहयोगी के संबंध में था।

इस बयान को कई सहयोगी देश शहीद हुए सैनिकों के सम्मान को चोट पहुंचाने वाला बता रहे है। इस बयान तुरंत बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अफ़ग़ानिस्तान में नेटो सेना को लेकर दिए उनके बयान पर माफ़ी की मांग कर डाली.

ट्रंप ने गुरुवार को एक इंटरव्यू में दावा किया कि नेटो के सहयोगी देश अफ़ग़ानिस्तान में युद्ध के मोर्चे से “थोड़ा पीछे” रहे.

स्टार्मर ने ट्रंप के बयान को “अपमानजनक और बेहद शर्मनाक” बताया है. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति से माफ़ी मांगने की अपील की.

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं अफ़ग़ानिस्तान में जान गंवाने वाले सैनिकों के साहस, बहादुरी और अपने देश के लिए दिए गए बलिदान को कभी नहीं भूलूंगा. ऐसे भी कई लोग थे जो घायल हुए और उन्हें ऐसी चोटें आईं, जिससे उनकी ज़िंदगी बदल गई.”

उन्होंने कहा, “मैं राष्ट्रपति ट्रंप की टिप्पणियों को अपमानजनक और सच कहें तो बेहद शर्मनाक मानता हूं. इससे मारे गए या घायल हुए लोगों के प्रियजनों को गहरी ठेस पहुंची है और वास्तव में पूरे देश में इसका असर हुआ है.”

स्टार्मर ने कहा कि अगर उन्होंने “इस तरह से ग़लत बयान दिया होता” तो वह “निश्चित तौर पर माफ़ी मांगते.”

 

चारधाम यात्रा 2026 कपाट खुलने की तिथि और स्वास्थ्य विभाग की रणनीति

चारधाम यात्रा 2026 की शुरुआत 19 अप्रैल 2026 से अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट खुलने के साथ होगी।...

सुग्रीव की लापरवाही के बाद अंगद ने वानर सेना की कमान कैसे संभाली

प्रभु श्री राम की सेना द्वारा लंका के विरुद्ध लड़ा जा रहा वह भीषण युद्ध अब एक निर्णायक मोड़ पर आ पहुँचा था। वानरों...

वरुथिनी एकादशी: अनगिनत जन्मों के संचित कर्मों से मुक्ति का मार्ग

सोमवार, 13 अप्रैल, 2026 को कृष्ण पक्ष की एकादशी, वैशाख मासवर्ष भर मनाए जाने वाले चौबीस एकादशियों में से, वरुथिनी एकदशी एक अद्वितीय महत्व...

ईरान-अमेरिका युद्ध का विश्व की अर्थव्यवस्था और मंहगाई पर क्या असर होगा?

ईरान और अमेरिका युद्ध, वियतनाम युद्ध के बाद अमेरिका के लिए सबसे कठिन माना जा रहा है। इस परिस्थतियों में अब यह विश्व में...

कनकधारा स्तोत्र और आदिगुरु शंकराचार्य की कथा

पौष पूर्णिमा के दिन लक्ष्मी जी को समर्पित कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें। इस स्त्रोत का पाठ करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं...

तरबूज़ मीठा है या नहीं?; बिना काटे ऊपर से पहचानने के तरीके जाने

गर्मियों का मौसम आते ही तरबूज़ की मांग बढ़ जाती है। क्योंकि यह फल खाने से न सिर्फ ठंडक मिलती है, बल्कि सेहत के...

Popular Articles